फिजियोथेरेपिस्ट
- डॉ. रौनक कोठारी (पीटी)- एचपीए-फिजियोथेरेपी (लीड)
- डॉ. रश्मि गुप्ता (पीटी)- एचपीए-फिजियोथेरेपी
- डॉ. करण सोनी (पीटी)- पीए-फिजियोथेरेपी
- डॉ. गौरव आहलूवालिया (पीटी)- फिजियोथेरेपिस्ट ग्रेड II
सेवाएं
- मस्कुलोस्केलेटल पूर्व-भागीदारी मूल्यांकन: इसका उद्देश्य खिलाड़ी की प्रारंभिक जांच के दौरान चोट संबंधी प्रोफ़ाइल तैयार करना एवं उस खेल की शारीरिक मांगों के अनुसार संभावित चोटों के जोखिम कारकों की पहचान करना होता है।
- व्यक्तिगत रूप से तैयार की गई चोट निवारण योजनाएँ: इनका उद्देश्य खिलाड़ी/एथलीट के जोखिम विश्लेषण के आधार पर संभावित चोटों की संभावना को कम करने हेतु पहचाने गए जोखिम कारकों में सुधार करना है।
- मैदान पर चोट प्रबंधन – मामूली चोटें और गतिशीलता में विकार: इसका उद्देश्य मामूली चोटों का प्राथमिक उपचार करना अथवा किसी गंभीर चोट की प्रकृति और उसकी तीव्रता की पहचान कर प्राथमिक उपचार प्रदान करना और आवश्यकतानुसार संबंधित विशेषज्ञ के पास रेफर करना है।
- मैदान के बाहर गंभीर चोटों का पुनर्वास, प्रशिक्षण या खेल में वापसी के लिए पुनर्वास कार्यक्रम:इसका उद्देश्य एक संरचित पुनर्वास योजना प्रदान करना है, जिसमें उपचार की समय-सीमा निर्धारित होती है तथा खिलाड़ी/एथलीट को सुरक्षित, क्रमिक और सशक्त रूप से प्रशिक्षण अथवा खेल में वापसी के लिए आगे बढ़ाया जाता है।
- प्रतिस्पर्धात्मक चोट प्रबंधन: इसका उद्देश्य राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान फिजियोथेरेपी के माध्यम से चोट प्रबंधन सेवाएँ प्रदान करना है।
- खिलाड़ियों/एथलीट्स और अन्य संबंधित पक्षकारों को चोट प्रबंधन के विषय में शिक्षित करना एवं सहयोग स्थापित करना:इसका उद्देश्य चोटों के मूलभूत पहलुओं, शरीर की चोटों पर प्रतिक्रियाओं, उपचार की समय-सीमा, पुनर्वास की संरचना की समझ तथा खेलों में सुरक्षित वापसी हेतु निरंतर और दिशा-निर्देशित प्रयासों के महत्व को स्पष्ट करना है। यह प्रक्रिया खेल विज्ञान के विभिन्न विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित करके पूरी की जाती है।
उन्नत अभ्यास
- पूरी तरह से डिजिटल खिलाड़ी/एथलीट चोट प्रबंधन दस्तावेज़ीकरण और संचार
- इलेक्ट्रोथेरेपी, व्यायाम चिकित्सा और उन्नत मैनुअल थेरेपी में साक्ष्य आधारित फिजियोथेरेपी तकनीकों का उपयोग
- न्यूमेटिक कम्प्रेशन और कंट्रास्ट रिकवरी जैसी अत्याधुनिक रिकवरी तकनीकें
- एक पारदर्शी और उत्तरदायी “क्लोज्ड लूप” चोट प्रबंधन प्रणाली
